Tuesday, March 22, 2011

बस निकलते रह गए प्राण

बस निकलते रह गए प्राण।

 नियति ने जो समय दिखाया,
हर क्षण तो गिन-गिन के आया,
खुशियों के कुछ पल मैने पिरोये,
दुख के पल ने दिया मेरे मन को अवसान।
बस निकलते रह गए प्राण।

पहली किरण ने आशा जगायी,
इक नयी ताजगी मुझमे समायी,
आया जो रात फिर लौट कर,
चिंता की लौ मन ने जलायी।

बूझता रहा हर रात यूँही,
मेरे जीवन का वो मधुर मुस्कान।

बस निकलते रह गए प्राण।

इक वक्त था जब तुम साथ थी प्रिय,
धड़कन में धड़कती साँस थी प्रिय,
सोचा ना था आयेगा इक पल,
दूर हो जाओगी तुम मुझसे कल।

तुम जो गई तो फिर ऐसे गई,
तन से जुदा हो गई मेरी जान।

बस निकलते रह गए प्राण।

हर पग पे इक संघर्ष मिला,
अपनों ने दिया ये कैसा सिला,
बस फूल की ही चाहत थी,
पर दर्द ही शूल का क्यों खिला।

सींची थी बगिया बड़े जतन से जो,
हर फूल ने शूल सा किया अपमान।

बस निकलते रह गए प्राण।

इक गीत कब से उर में समाया,
गाता रहा सबको सुनाया,
स्वर और सुर का संगीत मेरा,
प्रकृति की हर दिशा में छाया।

भय का जो हुआ बस इक प्रलय-गान,
विच्छेदित हुआ मेरा प्रणय-गान।

बस निकलते रह गए प्राण।

समय की नाव पर बैठा निरंतर,
देखा तूने कितने मनवंतर,
परमात्मा तेरी शक्ति को,
महसूस किया मैने बारम्बार।
आयी जो आज वो रात मिलन की,
प्रियतम के मधु आलिंग्न,चुम्बन की,

क्यों छीन लिया बिना बताये,
इक पल में तन से मेरे प्राण।

बस निकलते रह गए प्राण।

12 comments:

Manpreet Kaur said...

बहुत ही ऊम्दा शब्द है आपके ! अच्छा लगा पोस्ट !हवे अ गुड डे ! मेरे ब्लॉग पर आये !
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Sawai Singh Rajpurohit said...

बहुत ही अच्छे भाव,बहुत ही अच्छी रचना..

बहुत सुंदर लिखा आपने.....

Dr (Miss) Sharad Singh said...

नीयति ने जो समय दिखाया,
हर क्षण तो गिन-गिन के आया,
खुशियों के कुछ पल मैने पिरोये,
दुख के पल ने दिया मेरे मन को अवसान।
बस निकलते रह गए प्राण....

बहुत सुन्दर एवं मर्मस्पर्शी रचना ...

वन्दना said...

बेहद उम्दा और मर्मस्पर्शी रचना।

प्रवीण पाण्डेय said...

प्रेम की अभिव्यक्ति की तीक्ष्णता।

संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

भावों का सम्प्रेषण बहुत सुन्दर है ...खूबसूरत रचना

mahendra verma said...

sundar geet] sundar bhav.

Minakshi Pant said...

खुबसूरत एहसासों को दर्शाती खुबसूरत रचना |

राज भाटिय़ा said...

वाह जी बहुत खुबसुरत कविता, धन्यवाद

शिवकुमार ( शिवा) said...

सुन्दर कविता,

मनोज कुमार said...

हृदय स्पर्शी भावाभिव्यक्ति।

Dr Varsha Singh said...

संवेदनाओं से भरी बहुत सुन्दर कविता...