Wednesday, July 20, 2011

कसक है आज भी दिल में दबी

कसक है आज भी दिल में दबी,
उस रात की कोई।
तुम्हारे पास होकर भी, 
मै तुमको छू न पाया था।

मेरा दिल चाहता था खुद में यूँ भर लूँ मै तुमको आज,
मगर अफसोस मैने हर पल तुमको गवाँया था।

नशा वह रात में था,
या तुम्हारी बात में था,
जो मुझको खींच कर बेसुध बना,
तेरे पास लाया था।

कसक है आज भी दिल में दबी,
उस रात की कोई।

तुम्हारे पास होकर भी मै तुमको छू न पाया था।

बहुत अरमान थे जिनको था पाला,
लम्बे अरसे से,
वही कुछ बोल मेरी आँखों से,
उस रात बरसे थे।

कभी सोचूँ जो तुमको पाने का,
यह ख्वाब है या सच।

नहीं थी तुम कही भी,
बस अंधेरे में मेरा ही साया था।
कसक है आज भी दिल में दबी,
उस रात की कोई।

तुम्हारे पास होकर भी मै तुमको छू न पाया था।

अभी तो रात की सारी कहानी,
पूरी बाकी है।

फलक पर चाँद भी शायद,
अभी अभी ही आया है।

मोहब्बत की कहानी चाँद की थोड़ी पुरानी है,
यही सोचकर मैने नया किस्सा बनाया है।

अधूरा है तेरे बिन,
मेरा होना या ना होना।

तुम्हारे ना होने के एहसास ने,
फिर क्यों मुझको रुलाया था।

कसक है आज भी दिल में दबी,
उस रात की कोई।

तुम्हारे पास होकर भी मै तुमको छू न पाया था।

कहूँगा तो हँस दोगी,
कहोगी झूठे हो।

मगर हर रात यूँ ही जाग कर,
मै भोर करता था।
तुम्हारी यादों से लड़ कर जो,
मेरी हालत होती थी,
तन जिंदा होता था,
बेचारा मन बस मरता था।

सुनोगी तुम नहीं जिस गीत को,
मै जानता था पर।

वही इक गीत मैने हर रात,
क्यों तुमको सुनाया था।

कसक है आज भी दिल में दबी,
उस रात की कोई।

तुम्हारे पास होकर भी मै तुमको छू न पाया था।

33 comments:

कुश्वंश said...

अच्छी कविता , अंतर भावों को बेबाकी से व्यक्त किया है बधाई

Rajesh Kumari said...

dil ki gahraaiyon se nikle hue jajbaaton ko kya khoob kenvaas par utara hai.bahut khoob.badhaai.mere blog par bhi aapka swagat hai.

प्रवीण पाण्डेय said...

यही कसक भावों को गहराती है।

रविकर said...

अति सुन्दर |
बधाई ||

रविकर said...

यही कसक भावों को गहराती है।
aur ghavon ko sahlaati hai ||

Dr Varsha Singh said...

कमाल के भाव लिए है रचना की पंक्तियाँ .......

Manish Kr. Khedawat said...

bahut sunder ||

शालिनी कौशिक said...

बहुत संवेदन शील भावों को अभिव्यक्त किया है आपने और वह भी बहुत खूबसूरती से.बधाई सत्यम जी.

संजय भास्कर said...

फलक पर चाँद भी शायद,अभी अभी ही आया है।
मोहब्बत की कहानी चाँद की थोड़ी पुरानी है,यही सोचकर मैने नया किस्सा बनाया है।
आन्तरिक भावों के सहज प्रवाहमय सुन्दर रचना....

संजय भास्कर said...

बहुत ही सुंदर कविता भाई सत्यम जी बहुत बहुत बधाई |

संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

कसक को बहुत खूबसूरती से उकेरा है ..अच्छी रचना

संध्या शर्मा said...

संवेदन शील भावों की सुन्दर अभिव्यक्ति...

Manav Mehta said...

waah bahut khoob..kasak abhi baaki hai..

Vivek Jain said...

बेबाक व सुंदर रचना,
विवेक जैन vivj2000.blogspot.com

अरूण साथी said...

बहुत सुंदर अभिव्यक्ति।

Maheshwari kaneri said...

कसक की सुन्दर अभिव्यक्ति...बधाई

vidhya said...

अति सुन्दर |
बधाई ||

Priyankaabhilaashi said...

सुंदर अभिव्यक्ति..!!

सदा said...

बेहतरीन शब्‍द रचना ।

Dr (Miss) Sharad Singh said...

बहुत ही कोमल भावनाओं में रची-बसी खूबसूरत रचना ......

DR.NAVEEN KUMAR SOLANKI.... said...

engineer sahab.....bahut hi behtareen rachna aur behtareen blog....saath hi kahna chaahunga....aap kavi kahlaaane ke hakdaar h.....

now im a follower...:)


regards
naveen kumar solanki
http://naveensolanki.blogspot.com/
http://drnaveenkumarsolanki.blogspot.com/

अरुण चन्द्र रॉय said...

खूबसूरत कविता...कोमलता से लिखी गई है... पहली बार आपके ब्लॉग पर आया....बहुत कन्फ्यूज़न है कि आपका अपना प्रमुख ब्लॉग कौन सा है...

Er. सत्यम शिवम said...

thnks to all:)

अशोक कुमार शुक्ला said...

Wah kya bebaaki hai. Itna khubsoorat prastutikaran koi abhiyanta hi kar sakta hai.
Sundar kavita ke liye badhai.

JHAROKHA said...

satyam ji
man ke andar chalti vedna ko aapne bahut hi behtreen shabdo me dhala hai.
bahut hibehatreen rachna
bahut bahut badhai
poonam

mridula pradhan said...

komal ahsason ka khoobsurat chitran......

लक्ष्‍मीकांत त्रिपाठी said...

bhavnaon se paripurn mukt chhand shaiyee ki ak sunder kavita! swagatyogy hai. NIRALA JEE ke JOOHEE KI KALEE kavita ki yad tata ho gai. nirbadh bhav se man ko vyakt karte rahenge to kavita achhee hee hogee. sadhuvad! laxmikant Tripathi.

डॉ. नूतन डिमरी गैरोला- नीति said...

बहुत सुन्दर ... और उस दूरी की कसक में एक सुन्दर कविता अ सृजन हो गया ...उम्दा ..

prerna argal said...

मुझे ये बताते हुए बहुत ख़ुशी हो रही है की हिंदी ब्लॉगर वीकली{१} की पहली चर्चा की आज शुरुवात हिंदी ब्लॉगर फोरम international के मंच पर हो गई है/ आपकी इस उत्कृष्ट प्रविष्टी की चर्चा आज सोमवार को इस मंच पर की गई है /इस मंच पर आपका हार्दिक स्वागत है /आइये और अपने विचारों से हमें अवगत कराइये/इस मंच का लिंक नीचे लगाया है /आभार /

www.hbfint.blogspot.com

Er. सत्यम शिवम said...

a lot of thnks to all of u:)

सागर said...

behtreen rachna...

sushma 'आहुति' said...

दिल के खुबसूरत एहसासों को बतलाती रचना....

Nitish Mishra said...

beautiful