Saturday, August 6, 2011

झील में है चाँद का प्रतिबिम्ब यूँ

झील में है चाँद का प्रतिबिम्ब यूँ,
जैसे चाँद धीरे से धरती पर आ गया,
छेड़ कर सोये हुये एहसास को,
मन को भीतर तक कही से जगा गया।
Photobucket
छा गयी जब मन के नभ पर चाँदनी,
प्रेम के भावों की चादर ओढ़ कर,
यूँ लगा कि झाँकता है चाँद अब,
नैन से मेरे ह्रदय के पोर पर।

रुक गयी ये साँस,धड़कन रुक गयी,
रुक गयी बहती हवायें भी कहीं,
चाँद से मिलकर लगा है आज क्यूँ,
जैसे मेरा साथी बिछुड़ा है वहीं।

बैठ जा,थम जा रे तू,
रुक जा चाँद,मेरी जिन्दगी है तू।

तुमने देखा है मेरे अतीत को,
खो गया होकर जुदा उस प्रीत को।

है पता तुमको समर्पण,
उन रातों की बेसुधी का आलम,
प्राण का उस प्रीत की धुन पर,
निःस्वार्थ,बेवजह हर बार अर्पण।

यादों के बादल में तुमने छुपाया प्रेम मेरा,
और उसके बिन जहाँ में आज मै कितना अकेला।

फिर से कर दे चाँदनी एक रात,
बख्श दे प्रियतम का मुझको साथ।

बस जा आकर नभ से नैनो की झील में,
दूर तक अपनी छटाएँ दे बिखेर,
चाँदनी की रेशमी रंगत को फिर,
मेरे प्रेम के सूने धरातल पर तू फेर।

26 comments:

प्रवीण पाण्डेय said...

बड़ी ही सुन्दर पंक्तियाँ।

चन्द्र भूषण मिश्र ‘ग़ाफ़िल’ said...

best

सदा said...

बहुत ही सुन्‍दर शब्‍द रचना ।

ज्ञानचंद मर्मज्ञ said...

मन में उमड़ते भावों की सुन्दर अभिव्यक्ति !

somali said...

bahut hi sundar rachna

संगीता पुरी said...

बहुत सुंदर !!

Rajesh Kumari said...

sunder abhivyakti.

Udan Tashtari said...

बेहतरीन रचना....

Maheshwari kaneri said...

मन के कोमल भावो की सुन्दर अभिव्यक्ति...

डॉ॰ मोनिका शर्मा said...

सुंदर अभिव्यक्ति...

adarsh kumar patel said...

Adbhut.. rachna........

वन्दना said...

बहुत सुन्दर भावाव्यक्ति।

smshindi By Sonu said...

बहुत सुंदर रचना ! लाजवाब प्रस्तुती!

आपके पास दोस्तो का ख़ज़ाना है,
पर ये दोस्त आपका पुराना है,
इस दोस्त को भुला ना देना कभी,
क्यू की ये दोस्त आपकी दोस्ती का दीवाना है

⁀‵⁀) ✫ ✫ ✫.
`⋎´✫¸.•°*”˜˜”*°•✫
..✫¸.•°*”˜˜”*°•.✫
☻/ღ˚ •。* ˚ ˚✰˚ ˛★* 。 ღ˛° 。* °♥ ˚ • ★ *˚ .ღ 。.................
/▌*˛˚ღ •˚HAPPY FRIENDSHIP DAY MY FRENDS ˚ ✰* ★
/ .. ˚. ★ ˛ ˚ ✰。˚ ˚ღ。* ˛˚ 。✰˚* ˚ ★ღ

!!मित्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाये!!

फ्रेंडशिप डे स्पेशल पोस्ट पर आपका स्वागत है!
मित्रता एक वरदान

शुभकामनायें

sushma 'आहुति' said...

बेहतरीन भावाभिवय्क्ति.....

mridula pradhan said...

bahut khoobsurat.....

चन्द्र भूषण मिश्र ‘ग़ाफ़िल’ said...

आपकी यह सुन्दर प्रविष्टि कल सोमवार के चर्चा मंच पर भी होगी, सूचनार्थ

udaya veer singh said...

komal ruchikar kavy prabandhan madhur
ahasas deta hua ...badhayi ji /

ana said...

bahut achchhi post.....abhar

शालिनी कौशिक said...

बहुत सुन्दर प्रस्तुति बधाई मित्रता दिवस की शुभकामनायें

Dr (Miss) Sharad Singh said...

निर्झर की तरह कल-कल करती सुन्दर रचना....

prerna argal said...
This comment has been removed by the author.
Anita said...

कविता जैसे एक शांत निर्झर की तरह क्षण क्षण बहती चली जाती है... बहुत बहुत बधाई!

prerna argal said...

/ ब्लोगर्स मीट वीकली (३) में सभी ब्लोगर्स को एक ही मंच पर जोड़ने का प्रयास किया गया है / आप आइये और अपने विचारों से हमें अवगत कराइये/ हमारी कामना है कि आप हिंदी की सेवा यूं ही करते रहें। सोमवार ०८/०८/११ कोब्लॉगर्स मीट वीकली (3) Happy Friendship Day में आप आमंत्रित हैं /

ज़ाकिर अली ‘रजनीश’ (Zakir Ali 'Rajnish') said...

मनमोहक, चित्र और चित्र दोनों।

------
ब्‍लॉग के लिए ज़रूरी चीजें!
क्‍या भारतीयों तक पहुँचेगी यह नई चेतना ?

Dr.Ashutosh Mishra "Ashu" said...

pahli baar aapke blog pe aana hua..iske liye charca manch ko hardik dhnyawad ..bahti hui kavita..bahte manobhavon pe..mere blog pe bhi apka swagat hai

vidhya said...

बहुत ही सुन्दर भावाभिवय्क्ति.....